इससे पहले केन्द्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि सरकार 2030 तक सभी को स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सदियों पुरानी चिकित्सा पद्धतियों और प्रौद्योगिकी के विकास ने महामारी के प्रभावों से निपटने में मदद की।
स्वास्थ्य परिवार और कल्याण मंत्री एस पी बघेल ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए।
तीन-दिवसीय बैठक तीन प्राथमिकताओं पर केंद्रित है जिनमें स्वास्थ्य आपात स्थिति की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया, सस्ती चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच और डिजिटल स्वास्थ्य शामिल हैं।
जी-20 तीसरे स्वास्थ्य कार्य समूह की बैठक में लगभग 180 सदस्य, 10 आमंत्रित और 22 अंतर्राष्ट्रीय संगठन शामिल होंगे। इसके अलावा, बैठक से अलग होने वाले कार्यक्रमों में शोध, विकास और नवाचार पर जोर दिया जाएगा। जी-20 प्रतिनिधि हैदराबाद स्थित जीनोम वैली का दौरा करेंगे और अनुसंधान, विकास और औषधि निर्माण के क्षेत्र में भारत की उपलब्धि की जानकारी लेंगे।


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