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हिंदू राष्ट्र का निर्माण एससी एसटी ओबीसी के लोगो के खिलाफ एक सोची समझी साजिश ,,,, चेतन बैरवा , एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट

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हिंदू राष्ट्र का निर्माण मनुवादियों का एक सोचा समझा प्लान है , एक सोची समझी साजिश है , एक सोचा समझा सड़यंत्र है , एससी एसटी ओबीसी के लोगो के खिलाफ जिसके जरिए वो देश में फिर से वर्ण व्यवस्था लागू करना चाहते हैं , जिसके जरिए वो फिर से एससी , एसटी , ओबीसी के लोगो को शुद्र और अछूत बनाना चाहते हैं । ऐसा मनुवादी इसलिए करना चाहते हैं क्योंकि उन्हें यह बिल्कुल भी पसंद नहीं है कि एससी , एसटी , ओबीसी के 75 - 80 % लोग एसपी - कलेक्टर बने , डॉक्टर - इंजीनियर बने , वकील - जज बने , प्रोफेसर , लेखक , वैज्ञानिक बने , सांसद - विधायक बने , मंत्री - मुख्य मंत्री बने । मनु वादी बिल्कुल भी नही चाहते कि एससी , एसटी , ओबीसी के लोग अच्छे - अच्छे कपड़े पहने , अच्छे - अच्छे घरों में रहे और गाड़ियों में घूमे । असल में हिंदू - हिंदू बोलकर मनुवादी लोग एक तरफ तो एससी , एसटी , ओबीसी के लोगो को मुसलमानों के खिलाफ भड़काना चाहते हैं  दूसरी तरफ वो एससी , एसटी ओबीसी के लोगो का दिमाग  अपने ही खिलाफ होने वाली साजिस से भटकाना चाहते हैं । ऐसी स्तिथि में एससी , एसटी , ओबीसी के लोगो को मनुवादियों के इस सड़यंत्र को समझना होगा और उनसे दूर रहना होगा जो खुले तौर पर हिंदू राष्ट्र बनाने की आकांक्षा अपने दिलों में पाले बैठे हैं । मनुवादी लोग अच्छी तरह जानते हैं कि हिंदू शब्द एक पर्सियन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ चोर , लुटेरे , बदमाश होता है । लेकिन फिर भी मनुवादी लोग इस गाली वाले नाम से ही भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं । क्योंकि उन्हें अच्छी तरह पता है कि इस हिंदू शब्द के जरिए एससी , एसटी , ओबीसी के लोगो को आसानी से मुसलमानों के खिलाफ खड़ा किया जा सकता है , उनका ध्यान उनके ही फिर से शुद्र बनाए जाने की बात से भटकाया जा सकता है । हिंदुओं के धार्मिक नेता और आर्य समाज के संथापक दयानंद सरस्वती ने खुद ने अपनी किताब सत्यार्थ प्रकाश में लिखा है कि हिंदू शब्द एक अपमानित शब्द है जिसका अर्थ चोर लुटेरे डाकू बदमाश आदि होता है । हिंदू राष्ट्र निर्माण की चर्चा के मध्य नजर यहां एक सवाल यह पैदा होता है कि क्या हिंदू राष्ट्र बनाने की चेष्टा रखने वाले लोग बाबा साहब अम्बेडकर की तरह मनु स्मृति को खुले तौर पर जलाकर दिखाएंगे जो एससी , एसटी , ओबीसी और महिलाओं के खिलाफ जहर उगलती है । क्या ये लोग रामचरित मानस में लिखी उस चौपाई का विरोध करेंगे जो कहती है कि ढोल गंवार शूद्र पशु नारी ये सब ताडन के अधिकारी । क्या मनुवादी लोग इस बात का वचन देंगे कि हिंदू राष्ट्र के निर्माण के बाद जातिवाद या वर्ण व्यवस्था नाम की कोई चीज इंडिया में नही रहेगी । लेकिन ये लोग ऐसा कोई वचन नही देंगे क्योंकि वर्ण व्यवस्था को लागू करने के लिए ही तो वो लोग हिंदू राष्ट्र का निर्माण करना चाहते हैं । यह सारा खेल इसी बात का तो चल रहा है और है ही क्या । हिंदू राष्ट्र बनाने की चेष्टा रखने वाली केंद्र की मोदी सरकार , बीजेपी सरकार पहले ओबीसी की जातिगत जन गणना तो करवाले ताकि उन्हें उनका 52 % का आरक्षण का हक सरकारी नोकरियों और उच्च शिक्षा में मिल जाए ।  

चेतन बैरवा , एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट , मो 85 11 31 63 41 , 20 जुलाई  2023 , फेस बुक

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