भीम प्रकाश बौद्ध
जीवन में अनेक कठिनाइयां आती हैंl अनेक मुसीबतें आती हैl जो डटकर मुकाबला करता हैl वही सही इंसान कहलाता हैl इंसान कितना ही पैसा कमा ले यदि उसके अंदर चरित्र का भावना ना हो ऐसा व्यक्ति किसी काम का नहीं होता हैl क्योंकि जीवन में सर्वोपरि चरित्र ही होना चाहिए अच्छा तभी इंसान श्रेष्ठ लोगों में गिना जाएगा करोड़ों की दौलत उसके सामने रखियो हो फिर भी वह छोटा ही माना जाएगा अपना ईमान नहीं होगा और ईमानदारी के साथ कार्य करेगा इस प्रकार इंसान के सामने कितनी खूबसूरत चीज हो वह अपने मन को काबू में रखेगा और कोई ऐसा कार्य नहीं करेगा कि उसके चरित्र पर कोई उंगली उठा सके कि तुमने किसी लड़की के साथ छेड़छाड़ की है lवह बिल्कुल गलत कार्य नहीं करेगा क्योंकि जीवन बहुत अमूल होता हैl इसको अच्छे कार्यों में लगा दें तू ही जीवन महान माना जाएगा अन्यथा किसी काम का नहीं हैl यदि कोई इंसान के पास करोड़ों की दौलत हो उसकी नीयत और चरित्र अच्छा नहीं है lतो वह मरा हुआ सामान है lसामाजिक पद प्रतिष्ठा उसके लिए बेकार हैl इसलिए जो इंसान अपना चरित्र को सुधरता है lवही इंसान सामाजिक व्यवस्था में अपना योगदान दे सकता हैl और लोगों को सही रास्ते पर ले जा जा सकता हैl वही चरित्रहीन व्यक्ति उल्टे सीधे कार्य करके सामाजिक व्यवस्था को खराब करता हैl महिलाओं के साथ छेड़छाड़ बलात्कार जैसे जगन अपराधों को अंजाम देता है lऐसा व्यक्ति बुराई का पात्र बनता है lऐसा व्यक्ति किसी काम का नहीं रहता हैl इसलिए सबसे पहले व्यक्ति को अपने चरित्र का विशेष ध्यान रखना होगा और ऐसा कार्य करना होगा की समाज में हर व्यक्ति तुम्हारी प्रशंसा करने लगे उससे ही श्रेष्ठ और अच्छा इंसान कहा जा सकता है


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