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हिंदू राष्ट्र बनाने का मतलब देश का एक और विभाजन ---- चेतन बैरवा , एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट ।



13 जून 2023 के दैनिक जागरण हिंदी अखबार की एक खबर के मुताबिक आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है । इस खबर में मोहन भागवत ने यह भी स्पष्ट किया है कि हिंदू धर्म और हिंदू समाज जैसा भी है , यह हमारा अपना है और यही पवित्र भी है । कुल मिलाकर इस बयान के जरिए मोहन भागवत ने एससी , एसटी , ओबीसी के लोगो को साफ संकेत दे दिया है कि यह देश वर्ण व्यवस्था पर आधारित देश बनेगा जो मनु स्मृति से शासित होगा । हिंदू राष्ट्र एक वो देश होगा जहां एससी , एसटी , ओबीसी के लोग शुद्र और अछूत समझे जाएंगे । यह वो देश होगा जहां सो साल के क्षत्रिय को भी दस साल के ब्राह्मण के बच्चे को अपने बाप के बराबर मानना होगा , जहां महिलावो को किसी प्रकार की कोई स्वतंत्रता नही होगी , जहां वैश्यों को राजकाज से दूर रखा जाएगा और उन्हे केवल खेती और व्यापार करने की ही इजाजत होगी । मोहन भागवत ने अपना यह बयान देकर गेंद एससी , एसटी , ओबीसी के पाले में फेंक दी है जहां अब एससी , एसटी , ओबीसी के लोगो को यह फैसला लेने को मजबूर होना पड़ेगा कि क्या वो उस मनु स्मृति आधारित हिंदू राष्ट्र में रहना पसंद करेंगे जो कि उन्हें शुद्र और अछूत बनाकर रखने की चाहत रखता है या फिर उन्हें अपने लिए एक अलग देश की मांग कर लेनी चाहिए । यह बड़ा सवाल है आज की तारीख में एससी , एसटी , ओबीसी के लोगो के सामने मुंह खोले खड़ा है। क्षत्रियों को भी मोहन भागवत के बयान के मध्य नजर यह फैसला लेना होगा कि क्या वो उस हिंदू राष्ट्र में रहना पसंद करेंगे जहां उनके सो साल के वृद्ध को भी दस साल के ब्राह्मण के बच्चे को अपने बाप के बराबर मानना पड़ेगा । महिलाओं को भी फैसला लेना होगा कि क्या वो ऐसे हिंदू राष्ट्र में रहना पसंद करेंगी जहां उन्हें किसी भी प्रकार की कोई स्वतंत्रता नही होगी । वैश्यों को भी यह सोचना पड़ेगा कि क्या वो ऐसे हिंदू राष्ट्र में रहें जहां उन्हें केवल खेती व व्यापार करने की इजाजत होगी और राजकाज के नजदीक नही जाने दिया जाएगा । मुसलमानों को भी यह फैसला लेना पड़ेगा कि क्या वो उस देश में रहना पसंद करेंगे जहां उन्हें वोट देने का अधिकार ही नही होगा । सिक्खों को भी यह सोचना पड़ेगा कि वो असमानता और शोषण से भरपूर हिन्दु धर्म की दाब धौंस में क्यों रहें जबकि उनके पास उनका खुद का ही प्यारा सा सिख धर्म मौजूद है । एडवोकेट बैरवा ने मोहन भागवत के भारत को हिंदू राष्ट्र बताए जाने वाले बयान की कड़ी आलोचना की है तथा इसे देश के लिए विभाजनकारी बताया है। एडवोकेट बैरवा ने चेतावनी दी है कि अगर आर एस एस व बीजेपी ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के कोशिश की तो भारत के भी पूर्व के सोवियत यूनियन देश की तरह कई टुकड़े हो जाएंगे ।  

चेतन बैरवा , एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट , मो. 8511316341 , 15 जून 2023 , फेस बुक

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