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🌻धम्म प्रभात🌻


🌻धम्म प्रभात🌻

[ मग्गपच्चयो ति ]

मग्गङ्गानि मग्गसम्पयुत्तकानं धम्मानं तंसमुट्ठानानं च रूपानं  मग्गपच्चयेन पच्चयो ।

मार्ग प्रत्यय:

मार्ग के अंग से संयुक्त धर्मो और उनसे उत्पन्न होने वाले रूपों  के साथ मार्ग प्रत्यय  से संबद्ध होते हैं।

सम्यकत्व और  मिथ्यात्व को दृष्टिगत करते,हुए  मार्ग  के बारह भेद होते हैं-
  1) सम्यक दृष्टि 
  2) सम्यक संकल्प 
  3) सम्यक वचन
  4) सम्यक कर्म 
  5) सम्यक आजीविका 
  6) सम्यक व्यायाम 
  7) सम्यक स्मृति 
  8) सम्यक समाधि 
  9) मिथ्या दृष्टि 
10) मिथ्या संकल्प 
11) मिथ्या व्यायाम  और 
12) मिथ्या समाधि। 

इनमें से कोई एक अंग प्रत्यय धर्म होता है और उससे संयुक्त  चित्त चैतसिक  तथा तदुत्पन्न रूप प्रत्ययोत्पन्न  धर्म। 

नमो बुद्धाय🙏🏼🙏🏼🙏🏼 
Ref:तिकपट्ठान 
07.07.2023

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