धम्म का अनुशरण ही उत्तम
अनुशरण है।
"यो च बुध्दञ्च धम्मञ्च,
सङ्गञ्च सरणं गतो ।
चत्तारि अरियसच्चानि,
सम्मप्पञ्ञाय पस्सति।।
दुक्खं दुक्खसमुप्पादं,
दुक्खस्स च अतिक्क मं।
अरिय अट्ठङ्गिकं मग्गं, दुक्खूपसमगामिनं ।।
एतं खो सरणं खेमं,
एतं सरणमुत्तमं।
एतं सरणमागम्म,
सब्बदुक्खा पमुच्चति ।।"
जो बुद्ध, धम्म और संघ का अनुशरण करता है, जिसने चार अरिय सत्यों - दुःख है , दुःख का कारण है, दुःख का प्रहाण होता है और मुक्तिगामी अरिय अष्टांगिक मार्ग को सम्यक प्रज्ञा से देख लिया है और जो यह जानता है कि यही मंगलदायक अनुुशरण है, यही उत्तम अनुुशरण है, वह इसी अनुुशरण को प्राप्त कर सब दु:खों से मुक्त हो जाता है।
नमो बुद्धाय🙏🙏🙏
21.12.2023


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