भीम प्रकाश बौद्ध जिल्हा भिंड मध्य प्रदेश
भिंड :-मनरेगा नामक योजना मध्य प्रदेश में संचालित हो रही है लेकिन इसका लाभ गरीब मजदूरों से सरकार ने वादा किया था 100 दिन का काम अनिवार्य दिया जाएगा लेकिन यह आदेश कहां छूमंतर हो गया है मनरेगा जैसी कई और भी योजना है जो गरीबों को नहीं मिल पाती हैं सरकार लाखों रुपया विकास के लिए आने वाला पैसा कहां गायब हो जाता है मध्य प्रदेश सरकार ने मनरेगा नामक योजना संचालित कर गरीबों के हित में जो योजना निकाली है वह काबिले तारीफ है सरकार का उद्देश्य था मजदूर गरीब लोगों को समय पर काम नहीं मिलता है इस योजना से गरीबों का भला होगा लेकिन यह योजना मजाक बनकर रह गई है यह योजना भ्रष्टाचार में तब्दील हो गई है सरपंच मशीनों से कार्य करवा लेता है जो काम मजदूरों से कर लेना चाहिए था वह मशीनों से करवा कर मजदूर के पेट पर लात मारी जा रही है इस प्रकार चारों तरफ भ्रष्टाचार का तांडव अपना नृत्य कर रहा है और जिम्मेदार अधिकारी मलाई खाने में मस्त है वह कभी भी निरीक्षण ही नहीं करते हैं की कहां कमी पाई जा रही है सब कुछ भगवान के ऊपर छोड़ दिया गया है!
जिस कारण से मजदूर वर्ग बेहद परेशान है क्योंकि मजदूरी न मिल पाने के कारण वह अन्य शहरों के लिए पलायन करने के लिए मजबूर हैं वह अपने बच्चों को उचित शिक्षा भी नहीं दिला पा रहे हैं जिस कारण से बेरोजगारी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और सरकार बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है जिस वजह से आज मजदूर वर्ग बेहद मुसीबत से गुजर रहा है फिर भी सरकार गरीब मजदूरों के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है सारा पैसा सरपंच सचिव मिलकर खा जाते हैं कई जगह ग्रामीण क्षेत्र की दुर्दशा किसी से छुपी नहीं है कई गांव तो ऐसी हैं जहां पर कई पंचवर्षीय योजनाएं निकल गई लेकिन आज तक विकास नहीं हुआ है सारा पैसा एक दूसरे की मिलीभगत से डकार लिया जाता है


0 टिप्पण्या