(19 मार्च गुढीपाडवा पर उर्स के मौके पर विशेष)
चित्रा न्युज प्रतिनिधी
भंंडारा :-विगत 44 वर्षों से राजगोपालाचारी वार्ड(राजीव गांधी चौक)स्थित बाबा सैय्यद अहमद शाह साबरी की दरगाह पर हर वर्ष गुढीपाडवा के अवसर पर शांतिपूर्ण आयोजन संपन्न किया जा रहा है. 19 मार्च गुढीपाडवा पर दरगाह में आयोजित उर्स कार्यक्रम के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं,जायरिनों के उपस्थित रहने की संभावना है.
ये दरगाह उन लोगों के लिए एक मिसाल और उदाहरण है जो धर्म के नाम पर भेदभाव फैलाते है.दरगाह प्रमुख श्री रमेश नागपुरे ने इतिहास संशोधक मो.सईद भाई शेख को बताया की, करीब 155 वर्ष पूर्व बाबा की छोटी सी ये मजार कचरे के ढेर में अत्यंत दुर्लक्षित अवस्था में पडी हुई थी, प्रसिद्ध बीड़ी व्यापारी स्व. गंगाराम नागपुरे की अचानक इस पर नजर पडी,कूड़े _कचरे में उपेक्षित सी पडी इस छोटी सी दरगाह को देख उनके मन में इसके प्रति आस्था, और श्रद्धा जागी और तभी उन्होंने इसकी सुरक्षा का प्रण लिया और खुशाल नागपुरे के साथ इस परिसर की साफ़ _सफाई कर उसकी सुरक्षा हेतु चार दीवारी बनवाई .उसकी उचित देखभाल, इबादत, शुरू हुई .विगत 44 वर्षों से नागपुरे परिवार की ओर से यहाँ कुरआन पाठ, चादर अर्पण, कुरआन ख़्वानि ,फातिहा, घोड़ा सजाकर सन्दल निकालने , लंगर,महाप्रसाद जैसे अनेक आयोजन अत्यंत शांति, सद्भाव, एकता के साथ संपन्न किए जाते है.दरगाह पर मीनार व गुंबद का निर्माण वर्ष 1985 में नागपुरे परिवार की ओर से किया गया. माता_ पिता के पुण्य प्रताप से नागपुरे परिवार को बाबा की सेवा, पूजा, इबादत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. बीते 44 वर्षों से मेंढां के मुश्ताक मौलाना यहाँ नियमित रूप से चादर,फातिहा,दुआ,आदि की रस्म निभाने का कार्य कर रहे हैं. बशीर घोडेवाले भी 44 वर्षों से हर साल घोड़े को सजाकर लाते है. हर वर्ष की तरह इस बार भी 19 मार्च गुढी पाडवा के पावन पर्व पर नागपुरे परिवार द्वारा अत्यंत शांति, एकता, सद्भाव के माहौल में उर्स मनाने का मानस है, जिसमें प्रतिष्ठित, गणमान्य व्यक्तियों के अलावा हजारों हिन्दू, मुस्लिम श्रद्धालु, जायरीन उपस्थित होकर शांति, अमन और एकता, समृद्धी हेतु दुआ,प्रार्थना कर लंगर,महाप्रसाद का लाभ लेंगे. विगत 44 वर्षों से एक हिन्दू परिवार द्वारा मुस्लिम दरगाह की देखभाल और उर्स मनाने का संकल्प लेना अपने आप मे एकता,अखण्डता,भाईचारा और सद्भावना की एक बहुत बड़ी और जीती _जागती मिसाल है .


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