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"महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में मजदूरों से काम न कराते हुए जेसीबी से किया गया काम


लघु सिंचाई विभाग द्वारा रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की उडाई जा रही धज्जियां

मजदूरों का रोजगार छिनने वाले दोषी अधिकारियों को तत्कालीन बरखास्त किया जाये

भवन लिल्हारे उपसंपादक ( चित्रा न्युज महाराष्ट्र राज्य ) मो.नं.9373472847

गोंदिया : भारत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना एक रोजगार गारंटी योजना है जिससे 7 सितंबर 2005 को देश में लागू किया गया था। महात्मा गांधी नरेगा योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र का विकास और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजगार प्रदान करना है। नरेगा योजना का मग्सद बड़ी सँख्या में मजदूरों का शहर की और पलायन रोकना है। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के कम अवसर होने के कारण मजदूरों ने रोजगार के लिए शहरों की और रुख किया और शहरी आबादी तेजी से बढ़ने लगी इस पलायन को रोकने के लिए लोगों को ग्रामीण क्षेत्र में ही रोजगार देने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। लेकिन मजदूरों को रोजगार से दुर रखने का काम गोंदिया तहसील के तहत आने वाले जिला परिषद के लघु सिंचाई विभाग में देखने को मिल रहा है। लघु सिंचाई विभाग द्वारा गोंदिया तहसील के ग्राम दांडेगाव में महात्मा गॉंधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नाले पर 25 लाख रुपये का बांध का काम सरकार द्वारा मंजूर किया गया है। बांध का खुदाई काम मजदूरों से नहीं कराते हुए जेसीबी से किया गया है। जिस वजह से मजदूरों को रोजगार से दुर रखने का काम लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किया है। मजदूरों का रोजगार छिनने वाले सरकारी अधिकारियों को तत्काल पद से हटाया जाये ऐसी मांग मजदूरों एवं सरपंच द्वारा किई जा रही है।

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