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" हिंदू धर्म एससी एसटी ओबीसी के लिए , किसी काम का नही "



एससी , एसटी , ओबीसी के लोग बाबा साहब अम्बेडकर के नाम से एकजुट हो सकते है , तो ठीक है फिर बाबा साहब अम्बेडकर के नाम से ही एक जुट होवो और आगे को बढ़ो । भूलो अपनी जातियों और उप जातियों के संकुचित सोच को , भूलो अपने सैकड़ों प्रकार के देवी - देवताओं और कुल देवियों को जिन्होंने ना कभी आपको पढ़ने लिखने का अधिकार  दिलवाया , ना कभी नोकरियों में आरक्षण दिलवाया , ना कभी डॉक्टर , इंजीनियर , एस पी - कलेक्टर , वकील - जज बनवाया , ना कभी एम पी - एमएलए , मंत्री - राष्ट्रपति बनवाया , ना कभी हाई कोर्ट - सुप्रीम कोर्ट जज बनवाया और ना ही कभी हवाई जहाज में घुमवाया और  विदेशो में सैर करवायी । ऐसे देवी देवताओं और कुल देवियों को याद रखने का और  उनको मानने का क्या फायदा जिनके मानने से न कभी आपको अच्छा खाने को  मिला , ना कभी अच्छा पहनने को मिला , ना कभी कार कोठी और बंगलो में रहने को मिला , ना कभी समाज में मान सम्मान ही मिला । राजस्थान में एक कहावत है कि ऐसा सोना किस काम का जो कान तोड़े । तो ठीक है ऐसी जातियां और उप जातियां , ऐसे देवता और कुल देवियां , ऐसी परंपराएं और धार्मिक रस्में , ऐसी धार्मिक यात्राएं और  अनुष्ठान किस काम के जो आपके जीवन को आगे को ना ले जाकर पीछे को धकेलने का काम करे । आज में सुप्रीम कोर्ट का वकील हूं तो संविधान के कारण हूं ना कि किसी देवी देवता या हिंदू धर्म के आशीर्वाद के कारण । हिंदू धर्म ने हमे कभी इज्जत नहीं दी बल्कि हम एससी , एसटी , ओबीसी के लोगो की इज्जत को छीनने का काम किया है , कभी अछूत बताकर तो कभी शुद्र बताकर  । विश्वाश नही तो मनु स्मृति को पढ़कर देख लो जिस पर चलकर मोदी सरकारी वर्तमान भारत को हिंदू राष्ट्र में बदलना चाहती है । 

चेतन बैरवा , एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट , मो 85 11 31 63 41 , 14 जून 2023 , फेस बुक

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