[उपेक्षा करने योग्य व्यक्ति]
तथागत ने कहा-
भिक्खुओ, वह व्यक्ति कैसा होता है जो उपेक्षा करने योग्य होता है, जिसका न अनुसरण करना चाहिए, न सेवा करनी चाहिए, न आदर देना चाहिए।
यहां, भिक्खुओ, कोई-कोई व्यक्ति क्रोधी-स्वभाव का होता है, अशांत चित्तवाला, कुछ थोडा भी बोलने से बिगड जाता है, क्रोधित हो जाता है, चिड़चिड़ा हो जाता है, वह कठोर ह्रदय हो विरोधी हो जाता है, क्रोध, द्वेष और असंतोष प्रकट करता है। जैसे भिक्खुओ, पुराना व्रण लकडी या ठीकरा लग जाने से और बहने लग जाता है, इसी प्रकार भिक्खुओ, कोई-कोई व्यक्ति
क्रोधी-स्वभाव का होता है, अशांत चित्तवाला, कुछ थोडा भी बोलने से बिगड जाता है, क्रोधित हो जाता है, चिड़चिड़ा हो जाता है, वह कठोर ह्रदय हो विरोधी हो जाता है, क्रोध, द्वेष और असंतोष प्रकट करता है। जैसे भिक्खुओ, तिंडुक का अलाव लकडी या ठीकरे से छेड देने से और भी अधिक चिट-चिट करता है, इसी प्रकार भिक्खुओ, कोई-कोई व्यक्ति क्रोधी- स्वभाव का होता है, अशांत चित्तवाला, कुछ थोडा भी बोलने से बिगड जाता है, क्रोधित हो जाता है, चिड़चिड़ा हो जाता है, वह कठोर ह्रदय हो विरोधी हो जाता है, क्रोध, द्वेष और असंतोष प्रकट करता है। जैसे भिक्खुओ, गूह का गड्ढा लकडी या ठीकरे से छेड देने से और भी अधिक दुर्गंध देता है, उसी प्रकार भिक्खुओ, कोई-कोई व्यक्ति क्रोधी-स्वभाव का होता है, अशांत चित्तवाला, कुछ थोडा भी बोलने से बिगड जाता है, क्रोधित हो जाता है, चिड़चिड़ा हो जाता है, वह कठोर ह्रदय हो विरोधी हो जाता है, क्रोध, द्वेष और असंतोष प्रकट करता है। भिक्खुओ, इस प्रकार का व्यक्ति उपेक्षा करने योग्य होता है, जिसका न अनुसरण करना चाहिए, न सेवा करनी चाहिए, न आदर देना चाहिए। यह किसलिए? इस प्रकार का व्यक्ति मेरा अपमान भी कर सकता है, अपशब्द भी कह सकता है और मुझे अनर्थ, हानि भी पहुँचा सकता है। इसलिए इस प्रकार के व्यक्ति के प्रति उपेक्षा करनी चाहिए, उसका न अनुसरण करना चाहिए, न सेवा करनी चाहिए और न आदर करना चाहिए।
नमो बुद्धाय🙏🏼🙏🏼🙏🏼
Ref: जुगुप्सितव्य सुत्त: अंगुत्तर निकाय
31.08.2023


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