उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्रीमती सीतारमण ने सतत भविष्य सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन तथा अन्य वैश्विक चुनौतियों से निपटने में आर्थिक सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि विषम और धीमी बनी हुई है इसलिए स्थाई संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयास करने होंगे। जी 20 की वार्ताओं के नतीजों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आगे की रणनीति महत्वपूर्ण बिंदुओं का खाका तैयार कर लिया गया है।
बैठक के पहले सत्र में प्रतिनिधियों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्वास्थ्य तथा आर्थिक जोखिमों से जुडे मेद्दों पर चर्चा की। इस सत्र की चर्चा जी-20 की भारत की अध्यक्षता के अर्न्तगत जी-20 का संयुक्त वित्तीय स्वास्थ्य एजेंडा को अंतिम रूप देने पर केंद्रित रहेगी। जी 20 सदस्य देशों के वित्तमंत्री और केंद्रीय बैंक के गर्वनर, आमंत्रित देश तथा अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों समेत लगभग पांच सौ प्रतिनिधि बैठक में भाग ले रहे हैं।


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