इस हवाई अड्डे की आकृति समुद्र और द्वीप को प्रदर्शित करने वाले ढांचे पर आधारित है। हवाई अड्डा टर्मिनल के नये भवन में कई ऐसी सुविधाएं हैं जिनसे बिजली की खपत कम होगी। यह कम गर्म हो सके इसके लिए दोहरे आवरण वाले छत का निर्माण किया गया है। साथ ही सूर्य की प्राकृतिक रोशनी अधिकतम मिल सके इसके लिए भी व्यवस्था की गयी है ताकि भवन में कृत्रिम प्रकाश प्रणाली का उपयोग कम हो। इसके अलावा एल.ई.डी. प्रकाश व्यवस्था का भी उपयोग किया गया है। पानी बचाने के लिए यहां वर्षा जल जमा करने की भूमिगत व्यवस्था की गई है। और गंदे पानी को साफ करके फिर से उपयोग में लाने के लिए भी संयंत्र लगाया गया है। हवाई अड्डा परिसर में 500 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाया गया है। अंडमान और निकोबार का प्रवेश द्वार होने के कारण पोर्ट ब्लेयर पर्यटकों के लिए बहुत लोकप्रिय है। यहां पर बना विशाल टर्मिनल भवन हवाई यातायात को बढावा देगा और इस क्षेत्र में पर्यटन में वृद्धि में भी मददगार होगा। साथ ही इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।


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