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🌻धम्म प्रभात🌻

🌻धम्म प्रभात🌻 

[ झानपच्चयो ति ]

झानङ्गानि झानसम्पयुत्तकानं धम्मानं तंसमुट्टानानं  च रूपानं  झानपच्चयेन  पच्चयो। 

 ध्यान  प्रत्यय:

ध्यान के अंग ध्यान  से संयुक्त धर्मो और  उनसे उत्पन्न  होने वाले रूपों के साथ ध्यान प्रत्यय से संबंध होते हैं।

उसके कारण से भी  क्या होता है?
तो ध्यान के अपने अंग हैं। 

प्रथम ध्यान के ये-ये अंग हैं।  प्रथम ध्यान  होगा तो ये-ये बातें उसमें होंगी।  उसके कारण से अगला दूसरा ध्यान,  उसके कारण  से तीसरा, उसके  कारण से चौथा, पांचवां,  छठा, सातवां, आठवां।  तो ध्यान  के जो अंग हैं उसकी वजह से एक-के- बाद एक ध्यानों की उत्पत्ति  होती चली जाएगी।

नमो बुद्धाय🙏🏼🙏🏼🙏🏼
Ref: तिकपट्ठान 
06.07. 2023

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