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🌻धम्म प्रभात🌻

🌻धम्म प्रभात🌻 

[ नत्थिपच्चयो ति ]

समन्नतरनिरूद्धा चित्तचेतसिका धम्मा पच्चुप्पन्नानं चित्तचेतसिकानं धम्मानं नत्थिपच्चयेन पच्चयो। 

नास्ति प्रत्यय:

तत्काल निरूद्ध  हुए  चित्त  चैतसिक धर्म  प्रत्ययोत्पन्न  चित्त चैतसिक  धर्मो के साथ नास्ति प्रत्यय  से संबद्ध होते है।

एक चीज नहीं है, इसके नहीं  होने पर कुछ  उत्पन्न हुआ। तो नहीं होने पर क्या उत्पन्न हुआ? उदाहरण- जैसे दीपक की लौ होने पर चारों ओर  प्रकाश बना रहता है। दीपक की लौ बुझ जाय, अर्थात  उसका अस्तित्व  न रहे तो अंधकार  व्याप्त  हो जाता है। यह अंधकार  इसलिए आता है क्योंकि  उस  समय दीपक  की लौ नहीं है।  दीपक  की लौ पहले समाप्त  ।ओर, तभी अंधकार  आएगा। 

नमो बुद्धाय🙏🏼🙏🏼🙏🏼 
Ref: तिकपट्ठान 
11.07.2023

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