चित्रा न्युज
भंंडारा :-ग्रीन हेरिटेज संस्था पिछले 20 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण, जलसंवर्धन हेतु कार्यरत है। हाल ही में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे के दौरान एक गंभीर पर्यावरणीय संकट सामने आया है,जिसके समाधान हेतु ज्ञापन हाल ही में ग्रीन हेरिटेज पर्यावरण संस्था द्वारा जिल्हाधिकारी भंडारा को सौंपा गया.
रसोई गैस की बढ़ती क़ीमते व समय पर सिलेंडर न मिलने से ग्रामीणों को फिर से जंगलों की ओर रुख करना पड रहा हैं. महिलाएं सुबह जंगल जाती है व सुखी लकड़ी काटकर घर लाती है ताकि परिवार हेतु भोजन पकाया जा सके. उनको मनाई भी नहीं कर सकते. गैस किल्लत से जंगल पर संकट मंडरा रहा हैं. गॅस की समस्या सिर्फ घर की समस्या नहीं, पूरे पर्यावरण की समस्या है,अतः "गैस दो,जंगल बचाओं"जागरुकता अभियान ग्रीन हेरीटेज पर्यावरण फाउंडेशन द्वारा शुरू है.
1. भंडारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों मे लाभार्थियों को सिलेंडर नहीं मिल रहा है। गैस एजेंसियों द्वारा “स्टॉक नहीं है” कहकर वापस भेजा जाता है।अब तो बुकिंग के 45 दिन बाद ही सीलेंडर मिलेगा कहा जा रहा है.
3. मजबूरी में ग्रामीण महिलाएं व पुरुष सुबह पौ फटते ही हाथों में कुल्हाड़ी लेकर जंगल जाकर रसोई के लिए लकड़ी ला रहे है,जिससे शेर व अन्य वन्य प्राणियों का खतरा मंडरा रहा है.
यदि यही स्थिति रही तो. आनेवाले वर्षों में भंडारा जिले के 30% जंगल नष्ट हो जाएंगे*, जिससे पर्यावरण असंतुलन, वन्यजीवों का पलायन व तापमान वृद्धि जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती है.
1. *तत्काल गैस आपूर्ति:* जिले की सभी गैस एजेंसियों को कृपया निर्देश दें कि 15 दिनों के अंदर हर गांव में पर्याप्त गैस सिलेंडर पहुंचाएं।
2. *‘आपातकालीन गैस बैंक’:* हर ग्राम पंचायत स्तर पर 50 अतिरिक्त सिलेंडरों का स्टॉक रखें, ताकि किल्लत की स्थिति में तुरंत वितरण हो सके।
3. *‘जंगल बचाओ, गैस पाओ’ योजना:* जो गांव 1 वर्ष में 1000 नए पेड़ लगाकर जगाएगा, उसे प्रशासन द्वारा ‘हरित ग्राम’ घोषित कर गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाए।
4. मनरेगा व जिला परिषद CSR फंड से गोबर गैस प्लांट व सोलर कुकर हेतु 75% अनुदान दिया जाए।
5. गैस किल्लत के कारणों की जांच हेतु वन विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग व गैस कंपनियों की संयुक्त समिति गठित की जाए।
6. दूर दराज के गाँवों में गैस एजेंसियों की होम _डिलिव्हरी व्यवस्था मजबूत हो.
7. सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को देखते हुए ग्रामीण गरीब परिवारों को विशेष आर्थिक छूट (सब्सिडी) दी जानी चाहिए.
8. ग्रामीण इलाकों में बायोगैस बनाने हेतु प्रोत्साहित व अनुदानित किया जाना चाहिए.
9. गाँवों में सौर ऊर्जा या आधारित कम वैट के इंडक्शन चूल्हे के उपयोग को बढावा दिया जा सकता है.
ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलिंडर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना न सिर्फ महिलाओं के सशक्तीकरण व स्वास्थ्य के लिए जरूरी है बल्की भंडारा जिले के जंगलों व पर्यावरण को बचाने के लिए समय की माँग है.
संबंधित समस्याओ पर तत्काल कार्रवाई कर उचित गैस आपूर्ति व भंडारा के जंगलों व पर्यावरण को बचाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा उपरोक्त समस्या का तत्काल समाधान कर उपाययोजना करने की ज्ञापन द्वारा अपेक्षा व्यक्त की गई है. निवासी उपजिल्हाधिकारी श्री मनोहर चव्हाण,जिला अपूर्ति अधिकारी श्री ठाकरे,वनविभाग भंडारा के उपवनसंरक्षक श्री योगेन्द्र सिंग आदि को ग्रीन हेरिटेज संस्था द्वारा ज्ञापन देकर सकारात्मक चर्चा की गई, इस अवसर पर ग्रीन हेरिटेज के संस्थापक मोहम्मद सईद शेख, उपाध्यक्ष श्रीमती चंदा मुरकुटे,दिनेश मेश्राम, डॉ.मुबारक कुरेशी,अतुल वर्मा,मनीषा भांडारकर,ललिता देशमुख, हेमलता गजभिये,पूजा पाटील, शामला कोहपरे आदि उपस्थित थे.


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