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🌻धम्म प्रभात🌻

🌻धम्म प्रभात🌻

[ विगतपच्चयो ति ]

समनन्तरविगता चित्तचेतसिका धम्मा पच्चुप्पन्नानं चित्तचेतसिकानं धम्मानं विगतपच्चयेन पच्चयो। 

 विगत प्रत्यय:

तत्काल विलुप्त हुए चित्त चैतसिक  धर्म  प्रत्ययोत्पन्न चित्त चैतसिक धर्मो के साथ विगत प्रत्यय  से संबद्ध होते है। 

एक बात  गई तो गई,  पर अभी चित्तधारा चलती है क्योंकि  हमारे पुराने संस्कार हमारे साथ हैं जो हमको आगे से आगे धकेलते रहते हैं। 
'सङ्खारपच्चया विञ्ञाणं', 'सङ्खारपच्चया विञ्ञाणं'।

केवल इसी जीवन में नहीं, इस जीवन के बाद भी मृत्यु के उपरांत  फिर 'सङ्खारपच्चया विञ्ञाणं'। तो गया, सो गया पर क्योंकि समाप्त नहीं हुआ है, वह उस क्षण का चित्त  समाप्त  हुआ, उस क्षण का शरीर  समाप्त हुआ, अगले क्षण फिर आया, अगले क्षण फिर आया। तो विगत  होते हुए  भी यह धारा चलती रहती है।

नमो बुद्धाय🙏🏼🙏🏼🙏🏼 
Ref: तिकपट्ठान 
12.07.2023

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