Ticker

6/recent/ticker-posts

प्राइवेट फैक्ट्रियां कानून का नहीं कर रही पालन मजदूरों का कर रही शोषण सरकार प्रतिबंध लगाए



भीम प्रकाश बौद्ध दबोह भिंड मध्य प्रदेश

भिंड:-प्राइवेट फैक्ट्रियों में मजदूरों का हो रहा है शोषण आज हमारे देश में प्राइवेट फैक्ट्रियों खुली हुई है उनमें दिनदहाड़े मजदूरों का शोषण हो रहा है जबकि भारतीय संविधान में 8 घंटे का नियम है इससे ज्यादा मजदूरी नहीं कराई जा सकती है फिर भी हमारे देश के बड़े-बड़े नेता गरीबों की बात करते हैं हम अपने देश से गरीबी हटा देंगे लेकिन अधिकांश है यह देखने में आ रहा है चाहे कोई भी स्थानों हो अस्पताल हो या प्राइवेट संस्थान हो उन सब में कोई नियम और कायदा नहीं है मजदूर काम करते करते थक जाता है फिर भी उससे मजबूरी बस अपने बच्चों का पेट भरने के लिए मशीन की तरह काम करता रहता है और एक दिन मौत को गले लगा लेता है फिर हमारे देश के नेताओं को शर्म क्यों नहीं आती है अब सवाल यह उठता है की प्राइवेट संस्थान मजदूरों से 12 12 घंटे काम क्यों लिया जा रहा है क्या यह शोषण नहीं है यह बड़े-बड़े फैक्ट्रियों वाले रसूखदार व्यक्ति गरीब व्यक्तियों का शोषण करते रहते हैं हमारे देश में लाखों मजदूर हैं जो कई वर्षों से कम पैसों में मजदूरी कर रहे हैं और समय पर भी पैसे नहीं देते हैं मेरा देश के प्रधानमंत्री जी से विनम्र निवेदन है की प्राइवेट फैक्ट्रियों में 12 घंटे का काम को प्रतिबंध लगाया जाए तभी मजदूरों का जीवन उज्जवल हो सकता है जब सरकारी संस्थानों में समय 8 घंटे का है तो फिर प्राइवेट फैक्ट्री वाले अपना अलग से नियम क्यों बनाए हुए हैं उनको पता है हमारा कौन क्या बिगाड़ लेगा वह है दबंग व्यक्ति हैं वह पैसे वाले हैं इस प्रकार भ्रष्टाचार दौर में सब कुछ बिकाऊ है अब हम बात करें दिल्ली शहर की ग्वालियर की हर जगह मजदूरों से 12 घंटे क्यों काम लिया जाता है यह एक सोचनीय और चिंता का विषय है जब तक इसमें बदलाव नहीं होगा इसी तरीके से मजदूरों की जिंदगी में खुशहाली नहीं आ सकती है उनका जीवन इसी तरीके से गुलामी में बीत जाएगा कहने के तो हम स्वतंत्र होकर जी रहे हैं फिर भी हम गुलाम हैं सरकार को चाहिए भारतीय संविधान के अनुसार अनुसार कार नहीं हो रहा है सब कुछ भगवान के भरोसे संचालित हो रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी गरीबों को आवास दिया जा रहा है अनेक योजना निकाली जा रही है लेकिन क्या यह काम नहीं है क्या जो प्राइवेट फैक्ट्रियों में मजबूरी बस काम करने के लिए मजबूर है महंगाई के इस दौर में अब गरीब क्या करें कैसे अपना पेट भरे सरकार तो कुंभकरण की नींद में डूबी रहती है अब हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को चाहिए की प्राइवेट संस्थान हो या कोई भी संस्थानों यह प्राइवेट फैक्ट्रियां हो सब पर अंकुश लगा दिया जाए कि कोई भी 12 घंटे मजदूरों से काम करता पाया जाता है तो उस को कड़ी से कड़ी सजा होने का प्रावधान है तभी भारतीय संविधान का पालन ठीक तरह से होगा मजदूरों का शोषण होने से भी बच जाएगा!

टिप्पणी पोस्ट करा

0 टिप्पण्या