बारां (राजस्थान) :- एससी , एसटी , ओबीसी के लोगो हिंदू धर्म में रहोगे तो जिला बारा , राजस्थान की अध्यापिका हेमलता बैरवा की तरह अपमान और जलालत ही भुगतते रहोगे , जिसने 26 जनवरी 2024 को गंत्रता दिवस प्रोग्राम में सरस्वती की फोटो को यह कहकर लगाने इंकार कर दिया कि सरस्वती का शिक्षा के क्षेत्र में कोई योगदान नही था ।
ज्ञात रहे कि हेमलता बैरवा ने सावित्री बाई फूले ( माली - सैनी - समाज , ओबीसी ) की फोटो लगाने पर जोर दिया था जिसने पूना में स्त्री शिक्षा के लिए पहला स्कूल खोला ।
एससी , एसटी , ओबीसी के लोगो इस तरह के हालातो में , तुम्हे हिंदू धर्म छोड़कर किसी भी अन्य धर्म में चले जाना चाहिए जहां तुम्हे सामाजिक सम्मान मिले , बराबरी का दर्जा मिले । इसके लिए आप मुसलमान भी बन सकते हो , ईसाई भी बन सकते हो , सिख भी बन सकते हो , जहां तुम्हे मान सम्मान मिलेगा , बराबरी का दर्जा मिलेगा और मनुवाद से शोषण से मुक्ति मिलेगी ।
हिंदू धर्म छोड़ने पर , तुम्हारे पास खोने को कुछ नही है लेकिन इसे छोड़कर दूसरे धर्म में जाने पर , पाने को तुम्हारे पास सब कुछ है । मसलन बराबरी का दर्जा मिलेगा , शोषण से मुक्ति मिलेगी , सामाजिक सम्मान मिलेगा , शासन प्रशासन में भागीदारी मिलेगी , देश के साधन संसाधनों में हिस्सेदारी आदि मिलेगी ।
एससी , एसटी , ओबीसी के लोगो समय आ गया है कि अब आप सब एक साथ मनुवाद के खिलाफ उठ खड़े हो जावो । वरना एक एक करके तुम सब मारे जावोगे ।
याद रहे कि मनुवाद न केवल एससी , एसटी , ओबीसी के खिलाफ है । बल्कि यह क्षत्रियों और वैश्यों के खिलाफ भी है , महिलावों के खिलाफ भी है। भरोसा नहीं हो तो मनुस्मृति पढ़कर देख लो ।
चेतन बैरवा , एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट , मो 85 11 31 63 41 , 24 फरवरी 2024 , फेस बुक


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