भीम प्रकाश बौद्ध दबोह भिंड
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पुलिस महकमा के आला अधिकारी यह बात कहते हुए सुना होगा की जो कोई भी पीड़ित होगा उसको मैं न्याय दिलाऊंगा पीड़ित पक्ष की शिकायतों पर बगैर दबाव के प्रकरण पंजीवाद किए जाएंगे तथा गरीब को कोई सताता है । तो पुलिस उसके साथ हरदम साथ देगी लेकिन हकीकत से गौर से देखा जाए पीड़ित पक्ष की शिकायतों पर विचार किए जाने की बात सामने आती है। क्योंकि थानों में सक्रिय दलाल की कार्रवाइयों का सर्वेसर्वा बने हुए हैं। ताजा उदाहरण मुरैना जिले के सिहानिया गांव का है। पुलिस की कार्य प्राणी पर सवाल सवाल उठ रहे हैं । मिली सूत्रों के अनुसार जानकारी पुलिस द्वारा मिठाई कारीगर को चोर बताकर ₹20 हजार लिए गए किसी को बताया तो झूठे केस में फंसा कर अंदर कर देंगे आखिर सवाल यह उठता है । की पुलिस की कार्य प्राणी के चलते पुलिस से कोई न्याय की उम्मीद क्या करेगा दूसरा पक्ष न्याय की दरकार लेकर चक्कर देनी हो जाता है। जबकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी गढ़ आमजन को पुलिस से जुड़ने हेतु जन संवाद जैसी अभियान चलाते हैं । जिससे आम जनता चुपचाप बनकर सब सुन लेती है। पुलिस को आम जनता के प्रति विश्वास जागृत करना होगा और बढ़ती हुई दलाली पर रोक लगानी होगी। और पुलिस अपना कारनामा सुधार करें कोई फरियादी रिपोर्ट दर्ज करवाने आता है तो उसकी तुरंत रिपोर्ट लिखो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करो गरीबों के हितेषी बानो कहीं अत्याचार जुल्म हो रहा हो तो वहां पर तुरंत पहुंचे यही पुलिस के करतब होते हैं कि वह देशभक्ति को जनसेवा का नाम ऊंचा रखें चंद पैसों की खातिर अपना ईमान न बेचे भ्रष्टाचार को तवज्जो ना दें सही क्या है गलत क्या है इस पर निर्णय लो रिश्वतखोरी बंद करो यही पुलिस के कर्तव्य बनते हैं तभी वह एक सच्ची पुलिस आदर्श में कहीं जा सकती है देशभक्ति और जन सेवा का नारा का क्या अर्थ है यह समझना होगा और पूर्ण तरह से समादारी का परिचय देना होगा तभी उसे सही माय नेम देशभक्ति और जन सेवा का नारा दिया जा सकता है जब कोई पुलिस बनता है तो उसको शपथ दिलाई जाती है कि वह कोई गलत कार्य नहीं करेगा देशभक्ति के प्रतिकार करेगा तो वह है अपने जज्बे को रखना होगा और गरीबों के प्रति हमदर्द दिखाना होगा आम जनता पुलिस से डरे नहीं कोई भी समस्या हो वह निडर होकर पुलिस से अपनी बात कह सकें ऐसा पुलिस को बनना होगा क्योंकि आजकल देखने में आ रहा है की पुलिस लापरवाही हो गई है आम जनता को परेशान करती है कभी हेलमेट के नाम पर कभी गाड़ी खराब हो गई उसके नाम पर कभी चेकिंग के नाम पर आम जनता को लूट के रख दिया है । सरकार पैसे किस लिए दे रही है । तुमको वेतन कि तुम आम जनता की सेवा करो कोई परेशानी होती है। तो कुछ समस्या हल करो गुंडे बदमाशों को जेल के अंदर बंद करो तभी हम अपना इस देश को ऊंचे पायदान पर देख सकते हैं गुंडागर्दी बंद हो जाए कानून के दायरे में कोई अवैध कार्य करता है ।कितना बड़ा पैसा वाला आओ सब पर कार्रवाई करो उचित अनुचित का विवेक रखो और सही मायने में फैसला हो


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