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पुराने पेड़ों की कटाई पर जिल्हाधिकारी ने हस्तक्षेप कर लगाया प्रतिबंध (वृक्ष प्रेमियों ने पेड़ कटाई बंद करने की थीं मांग)


चित्रा न्युज संवाददाता
भंंडारा:-राष्ट्रीय महामार्ग ( क्र.53)के फोरलेन सड़क विस्तारिकरण के दौरान 100,150  वर्ष पुराने पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध हेतु भंडारा के मा.जिल्हाधिकारी श्री सावनकुमार के साथ पर्यावरण प्रेमी,संस्था, नागरिकों,NHAI के अधिकारियों की सभा ली गई,इसमे सभी वृक्ष  प्रेमियों,संस्था,नागरिकों ने पुराने वृक्षों की कटाई पर आपत्ती दर्ज कर उसे तुरंत रोकने की तीव्र मांग की,जिल्हाधिकारी महोदय ने सज्ञान में लेकर उपस्थित संबंधित अधिकारियों को कडे निर्देश देकर इसे रोकने तथा उपाययोजना करने की सलाह दी,ग्रीन हेरीटेज का पत्र सभी के हाथों जिल्हाधिकारी साहब को सौंपा गया. मीटिंग में  डॉ. नितीन तुरसकर,ग्रीन हेरीटेज पर्यावरण संस्था के  संस्थापक अध्यक्ष मो. सईद शेख, कविता नागापूरे ,चंद्रशेखर  भिवगडे, प्रमोद केसलकर ,प्रविण मेहर,शैलेंद्र श्रीवास्तव, आबिद सिद्दीकी ,प्रणय बड़वाइक,वैभव चोपकर,सदानंद इलमे,हिवराज उके,नितीन कुथे,हेमंत साकुरे,विजय नीचकवडे,जिल्हा माहिती अधिकारी शैलजा दंडे ,जिल्हा आपत्ती व्यवस्थापन अधिकारी अभिषेक नामदास आदि उपस्थित थे. मीटिंग के बाद स्वयं मा. जिल्हाधिकारी ने राष्ट्रीय महामार्ग पर काटे गए पेड़ों का निरीक्षण भी किया. सर्किट हाऊस के पास सड़क किनारे भव्य पेड़ को सभी ने घेरा,मानवी शृंखला बनाकर *पेड़ बचाओ, पर्यावरण बचाओ* का  उदघोष किया. कुछ रोज पहले हेरीटेज पर्यावरण संस्था द्वारा इस वृक्ष कटाई को रोकने का प्रयास किया गया था. इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षक सईद शेख ने  बताया की "पेड़ लगाना बहुत अच्छी बात है, लेकिन उन्हें जगाना,बढ़ाना और उनकी सुरक्षा करना उससे कहीं ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी भी है.सड़के बनाकर यातायात सुगम करना अच्छी बात है लेकिन बिना कोई उपाययोजना के इन हरी _भरी धरोहरों की बलि लेना,वृक्षों पर घोंसले बनाकर रहनेवाले सैकड़ों पंछियों का अधिवास छिन लेना कहाँ तक न्यायोचित है.पेड़ों से समृद्ध वन बचेंगे,तो ही हम बचेंगे ये हमे कदापि नहीं भूलना चाहिए. 

जब पेड़ों से बढ़ेगी हरियाली तभी जीवन मे आएगी खुशहाली"


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