प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति जो बाइडन और जिल बाइडन को विशेष उपहार दिये। प्रधानमंत्री ने श्री बाइडन को वनस्पतियों और जीवों के पैटर्न वाली सूक्ष्म नक्काशी के हस्तनिर्मित चंदन की लकड़ी का बक्सा दिया। इस बक्से को मैसूर की चंदन की लकड़ी का इस्तेमाल करके जयपुर के अनुभवी शिल्पकार ने बनाया है। प्रधानमंत्री ने जिल बाइडन को प्रयोगशाला में निर्मित सात दशमलव पांच कैरेट के ग्रीन डायमंड भी उपहार में दिया। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने उपनिषदों के दस सिद्धांत की पुस्तक के अंग्रेजी अनुवाद के पहले संस्करण की एक प्रति भी राष्ट्रपति बाइडन को उपहार स्वरूप भेंट की। इस पुस्तक के सह रचयिता श्री बाइडन के प्रिय कवि विलियम बटलर येट्स और श्री पुरोहित स्वामी हैं। यह पुस्तक भारतीय आध्यात्मिकता और गुरूदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर की प्रतिष्ठा पर साझी सराहना को दर्शाती है।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने माइक्रोन टेक्नोलॉजी, जनरल इलेक्ट्रिक और जनरल इलैक्ट्रिक ऐरोस्पेस और एप्लाइड मैटेरियल्स सहित अमरीका की जानी-मानी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक की थी।माइक्रो टेक्नोलॉजी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय मेहरोत्रा के साथ बातचीत के दौरान श्री मोदी ने उन्हें भारत में सेमीकंडक्टर के निर्माण में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सीईओ ने कहा कि श्री मोदी के साथ उनकी बैठक सकारात्मक रही। श्री मेहरोत्रा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ कई विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया और उन्हें भारत में अधिक अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
जनरल इलेक्ट्रिक और जनरल इलेक्ट्रिक एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री एच लॉरेंस कल्प जूनियर के साथ बातचीत के दौरान श्री मोदी ने भारत में विनिर्माण की दीर्घकालीन प्रतिबद्धता के लिए जनरल इलेक्ट्रिक की सराहना की और भारत में जी ई प्रौद्योगिकी के बड़े सहयोग का आह्वान किया।एप्लाइड मैटेरियल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गैरी ई डिकर्सन के साथ विचार-विमर्श के दौरान प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर ईको सिस्टम मजबूत करने में सहयोग के लिए एप्लाइड मैटेरियल्स को भी भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। बातचीत के दौरान भारत में कुशल कार्यबल सृजित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ एप्लाइड मैटेरियल्स के सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
श्री डिकर्सन ने कहा कि वे भारत से काफी प्रभावित हैं और उनका मानना है कि इस समय सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत की वृद्धि के अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी उपकरणों के नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भारत में जल्द ही नवाचार केन्द्र खोलने की घोषणा करेगी। प्रधानमंत्री मोदी और अमरीका की प्रथम महिला जिल बाइडन वर्जिनिया के एलेक्जेंड्रिया में नेशनल साइंस फाउंडेशन-एनएसएफ गये। उन्होंने दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उद्योगों में कौशल प्रशिक्षण लेने वाले अमरीका और भारत के विद्यार्थियों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि वृद्धि की गति बनाए रखने के लिए भारत और अमरीका को प्रतिभाओं की आवश्यकता है।
श्री मोदी ने कहा कि शिक्षा, कौशल और नवाचार बेहतर भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत में सरकार ने नई शिक्षा नीति और एकीकृत शिक्षा और कौशल कार्यक्रम शुरू किया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नेशनल साइंस फाउंडेशन के साथ कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है और इसका उद्देश्य इस दशक को प्रौद्योगिकी दशक यानी टैकेड बनाना है। प्रधानमंत्री ने यह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रथम महिला जिल बाइडन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अमरीका की प्रथम महिला का जीवन और उनकी उपलब्धियां भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए अमरीका की प्रथम महिला जिल बाइडन ने कहा कि श्री मोदी की राजकीय यात्रा के साथ ही हम विश्व के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र को एक साथ ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह संबंध केवल सरकारों तक ही नहीं है, बल्कि हम दोनों देशों के बीच परिवारिक मित्रता बढ़ा रहे हैं। श्रीमती बाइडन ने कहा कि भारत-अमरीका भागीदारी मजबूत और विस्तारवादी है, क्योंकि हम वैश्विक चुनौतियों को संयुक्त रूप से मुकाबला कर रहे हैं।


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