चित्रा न्युज प्रतिनिधी
साकोली : साकोली क्षेत्र के तालाब की पार के शीघ्र पुनर्निर्माण को लेकर स्थानीय किसानों एवं नागरिकों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 1 अगस्त 2025 को तालाब की पार फटने की घटना को लगभग नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक शासन द्वारा इसके पुनर्निर्माण को मंजूरी नहीं दी गई है।
किसानों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि आगामी मानसून से पहले तालाब की पार की मरम्मत नहीं की गई, तो क्षेत्र के किसानों एवं मछुआरों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। सिंचाई के अभाव में खेती प्रभावित होगी और कई किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि आवश्यक निधि शीघ्र स्वीकृत कर तालाब की पार का पुनर्निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जाए। इस संबंध में ज्ञापन की प्रति जिला जल संसाधन अधिकारी को भी भेजी गई है।
ज्ञापन सौंपते समय मनीष कापगते, विष्णु कापगते, देवीश्री कापगते, सपन कापगते, सोनु बैरागी, मोरेश्वर गहाने, अमित लांजेवार, सचिन लांजेवार, अमरीश वलथरे, रामचंद्र वलथरे, भिमराज गहाणे, प्रकाश संग्रामे, प्रवीण लांजेवार सहित अनेक किसान उपस्थित थे।
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मनीष कापगते (किसान) ने कहा कि "तालाब की पार टूटने से हमारी खेती पूरी तरह प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई, तो इस साल भी हमें भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।"
विष्णु कापगते (किसान) ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि "सरकार को किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द निधि मंजूर करनी चाहिए, ताकि मानसून से पहले काम पूरा हो सके।"


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